रोबोकुक बनाएगा 25 तरह के फूड, सिर्फ एक बटन दबाकर एक समय में 4-5 लोगों का बनेगा खाना

गैजेट डेस्क. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चल रहे इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल (IISF) में कई तरह के इनोवेशन प्रदर्शित किए गए। इन्हीं में से बिहार के भागलपुर के अभिषेक भगत ने एक ऐसा रोबोकुक (खाना बनाने की मशीन) तैयार किया है, जो कड़ाही में 25 तरह की फूड रेसिपीज बना सकता है। अभिषेक को इसका पेटेंट भी मिल गया है।
सिर्फ 10 हजार रुपए होगी इसकी कीमत : थ्री-डी प्रिंटिंग की मदद से तैयार रोबोकुक के प्रोटोटाइप का प्रयोग सफल रहा है। आने वाले दिनों में 10 हजार रुपए कीमत में यह बाजार में उपलब्ध होगा।
आप दाल, सब्जी जैसे आलू-गोभी, मटर-पनीर, बैंगन का भरता या सेवईं की खीर सरीखे अपनी पसंद के किसी भी व्यंजन को मोबाइल एप पर चुनिए। एप रोबोकुक को निर्देश देगा।
रोबोकुक में 2 तरल पदार्थ, दो मूल पदार्थ और 8 अन्य चीजों के लिए बॉक्स होंगे। रोबोकुक बोलकर आपकी भाषा में निर्देश देता जाएगा कि आप किस बॉक्स में क्या सामग्री रखें।
फिर एक बटन दबाकर आप छोड़ दीजिए। रोबोकुक के इंडक्शन प्लेट पर रखी कड़ाही में बारी-बारी, जब जिस सामग्री को डालना चाहिए वह अपने आप नियत समय पर आती जाएगी और करीब 4-5 लोगों के लिए सामान्य समय में व्यंजन तैयार हो जाएगा।
खास बात यह है कि आपको यह ध्यान रखने की जरूरत नहीं है कि कब क्या डालना है, कब छौंक लगाना है और उसे कितनी देर तक भूनना है। यह सारी क्रिया रोबोकुक ही करेगा।
  • महाराष्ट्र के प्रसाद ठाकरे ने एग्रीकल्चरल वेस्ट से बायोस्मोकट्रैप नामक एक फिल्टर तैयार किया है। इसे वाहनों से धुआं निकलने के स्थान पर क्लिप की मदद से लगाया जा सकता है।
  • पीयूसी वाली मशीन से जांचें तो कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड आदि की बिना फिल्टर लगाने की तुलना में प्रदूषणकारी तत्वों की रीडिंग में तीन से पांच गुना तक का अंतर आ जाता है। इसकी कीमत 5 रुपए आएगी प्रसाद ठाकरे को इसका पेटेंट भी मिल गया है।
  • केरल के कोलम स्थित अमृता विद्यापीठ के डॉ. बिपिन नैयर ने ऐेसा ग्लूकोमीटर (डाइबिटीज के रोगियों के ब्लडशुगर नापने की मशीन) तैयार किया है, जिसकी स्ट्रिप की कीमत 5 रुपए से भी कम होगी।
  • नैयर ने बताया कि बाकी स्ट्रिप एंजाइम (प्रोटीन) टेक्नीक आधारित हैं जबकि उनकी स्ट्रिप नॉन-एंजाइमेटिक (मेटल ऑक्सीलेटेड नैनोसेंसर बेस्ड) है। यह बाजार से काफी सस्ता मिलेगा।
    बॉलीवुड डेस्क. MeToo कैम्पेन ने गुलशन कुमार की बायोपिक को भी प्रभावित कर दिया है। इस फिल्म को आमिर खान प्रोड्यूस करने वाले थे लेकिन, हाल ही में उनके द्वारा जारी किए स्टेटमेंट के बाद फिल्म का भविष्य खतरे में दिख रहा है। आमिर ने लिखा है कि वे सेक्सुअल हैरेसमेंट के आरोपों में घिरे किसी भी व्यक्ति के साथ काम नहीं करेंगे।

    इशारा था मोगुल की तरफ :  आमिर ने अपने स्टेटमेंट में न तो किसी फिल्म का नाम लिया था ना ही किसी डायरेक्टर का। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि उनका इशारा कूपर की तरफ है जो कि मोगुल को डायरेक्ट करने वाले थे। सुभाष पर गीतिका व्यास ने हैरेसमेंट के अाराेप लगाए थे। 

    प्रोड्यूसर्स ने हटाया सुभाष को : मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रोड्यूसर भूषण कुमार ने सुभाष से फिल्म छोड़ने के लिए कहा है। अब सुभाष का मोगुल में काम करना मुश्किल दिखता है। टी-सीरीज जल्द ही मोगुल के डायरेक्टर का रिप्लेसमेंट बताएगी क्योंकि वे आमिर को नहीं खोना चाहते हैं।सुभाष ने कहा-' मैं आमिर और किरण राव के निर्णय का सम्मान करता हूं। यह मामला अदालत में चल रहा है, मैं अपनी बेगुनाही वहीं साबित करुंगा। 

    यह था सुभाष का केस : 2012 में एक्ट्रेस गीतिका त्यागी ने सुभाष कपूर पर सेक्सुअल हैरेसमेंट के आरोप लगाए थे। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हुआ था। वीडियो में गीतिका सुभाष कपूर को थप्पड़ मारते हुए नजर आ रहीं थीं। गीतिका की शिकायत के बाद सुभाष कपूर अरेस्ट हो गए थे। हालांकि उन्हें बाद में जमानत मिल गई थी।
    कमेटी करेगी निगरानी : प्रोड्यूसर्स गिल्ड ने महिला उत्पीड़न मामलों की सुनवाई के लिए 12 सदस्यों की कमेटी बनाई है। इस कमेटी में आमिर की पत्नी किरण राव, अपूर्वा मेहता, एकता कपूर, फाजिला अलाना, ज्योति देशपांडे, कुलमीत मक्कड़, मधु भोजवानी, प्रीति शाहानी, रोहन सिप्पी, विजय सिंह और सिद्धार्थ राय कपूर शामिल हैं। प्रोड्यूसर स्नेहा राजानी को इस कमेटी हेड बनाया गया है।

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